Hanuman Kavach Lyrics in Hindi | हनुमान कवच पूरा पाठ और लाभ

Hanuman Kavach Lyrics in Hindi Hanuman Kavach Lyrics in Hindi
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Hanuman Kavach Lyrics in Hindi – हनुमान कवच का पूरा पाठ, महत्व, लाभ, सिद्धि, और पाठ विधि। हर संकट से रक्षा करने वाला अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र।

हनुमान कवच एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य स्तोत्र माना जाता है। इसे पढ़ने से व्यक्ति चारों दिशाओं से सुरक्षित रहता है
संकट, भय, शत्रु बाधा, ग्रहदोष, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की अड़चनों से रक्षा होती है।

हनुमान कवच को विधिपूर्वक पाठ करने से भगवान हनुमान की कृपा तेजी से प्राप्त होती है। जो व्यक्ति मानसिक, शारीरिक, आध्यात्मिक या व्यावसायिक समस्याओं से जूझ रहा हो, उसके लिए यह कवच एक दिव्य सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है।

हनुमान कवच क्या है? (What is Hanuman Kavach)

हनुमान कवच एक ऐसा स्तोत्र है जिसे शिवजी, ब्रह्माजी और पुराणों में देवर्षियों ने हनुमान जी की दिव्य शक्ति के लिए गाया है।
इसमें हनुमान जी की 12 शक्तियों, 10 दिशाओं और 7 स्तरों पर उनकी सुरक्षा का वर्णन किया गया है।

इसे “रक्षा कवच” इसलिए कहा जाता है क्योंकि:

  • यह शरीर को दैहिक बाधाओं से बचाता है
  • मन को दैविक बाधाओं से बचाता है
  • और करियर/परिवार को भौतिक बाधाओं से रक्षा देता है

हनुमान कवच पढ़ने से लाभ (Benefits of Hanuman Kavach)

✔ मानसिक लाभ

  • डर, चिंता, तनाव दूर होता है
  • मन शांत और स्थिर होता है
  • नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं

✔ भौतिक/जीवन लाभ

  • व्यापार में बाधाएँ दूर होती हैं
  • आर्थिक प्रगति मिलती है
  • नौकरी में सफलता मिलती है

✔ आध्यात्मिक लाभ

  • ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है
  • भटके मन को मार्गदर्शन मिलता है
  • हनुमान जी की कृपा सदैव साथ रहती है

✔ सुरक्षा लाभ

  • बुरी नजर से रक्षा
  • काला जादू/ऊपर से बचाव
  • शत्रु से सुरक्षा
  • ग्रह दोष शांत

हनुमान कवच कब पढ़ें? (Best Time)

  • मंगलवार
  • शनिवार
  • अमावस्या
  • विशेष समस्या के दौरान किसी भी दिन

सुबह स्नान के बाद पढ़ना सर्वोत्तम माना गया है।


Hanuman Kavach Lyrics in Hindi | हनुमान कवच पाठ

॥ हनुमत् कवच स्तोत्र ॥

श्री गणेशाय नमः ।
ॐ श्री रामाय नमः ।
ॐ श्री हनुमते नमः ।

जय हनुमान पवनसुत,
कष्ट हरन भवभय-भंजन ।
रामदूत अतुलित बलधामा,
सदैव सुमिरो तुम्ह प्रभु रमण ।।

पूर्वदिशा में पवनकुमार,
दक्षिण में संकट मोचक ।
पश्चिम में सीतापति दास,
उत्तर में जन के रक्षक ।।

आकाश में विराजत मारुतिनंदन,
पाताल में दुष्ट विनाशन ।
नवदुर्गा रूप में शोभित,
त्रिभुवन पालक श्री हनुमान ।।

मेरे मस्तक पर तेज तुम्हारा,
नेत्रों में जपो जयकार ।
कण्ठ में नाम तुम्हारा बस जाए,
हृदय में हो तुम्हारा विस्तार ।।

भुजाओं में बल, चरणों में गति,
तन-मन में हो पवित्र प्रकाश ।
शत्रु-विघ्न न आ पाए जीवन में,
हनुमत् रक्षा हो दिन-रात ।।

जो पढ़े यह कवच भक्तिभाव से,
उस पर संकट टिक न सके ।
हनुमान जी का बने सदा सहारा,
दुख-दरिद्र जीवन में न रहें ।।

॥ इति हनुमान कवच समाप्त ॥


हनुमान कवच पाठ विधि (How to Recite)

  1. सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
  2. दीपक, चंदन और प्रसाद रखें
  3. “ॐ श्री हनुमते नमः” 11 बार जपें
  4. इसके बाद हनुमान कवच पढ़ें
  5. पाठ के अंत में हनुमान चालीसा पढ़ना श्रेष्ठ है
  6. प्रसाद में गुड़/बूंदी चढ़ाएँ

हनुमान कवच पाठ कितने दिन करना चाहिए?

  • 7 दिन – तनाव या नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
  • 11 दिन – किसी बड़ी समस्या के समाधान के लिए
  • 40 दिन – मनोकामना सिद्धि

हनुमान कवच पढ़ने के नियम

  • दिल से पढ़ें, डर से नहीं
  • जल्दी में न पढ़ें
  • मोबाइल बंद रखें
  • पढ़ते समय ध्यान सिर्फ भगवान पर रहे

Hanuman Kavach के चमत्कारी प्रभाव

लोगों ने अनुभव किया है:

  • रात में डर खत्म हो जाता है
  • घर में शांति आती है
  • काम में सफलता मिलने लगती है
  • शारीरिक ऊर्जा बढ़ जाती है
  • अचानक होने वाले दुर्घटनाओं से सुरक्षा

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FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. हनुमान कवच किसने लिखा?

पुराणों के अनुसार यह ऋषियों द्वारा हनुमान जी की महिमा में रचित स्तोत्र है।

2. हनुमान कवच कब नहीं पढ़ना चाहिए?

गंदे स्थान, क्रोध या नशे में कभी भी न पढ़ें।

3. क्या महिलाएँ हनुमान कवच पढ़ सकती हैं?

हाँ, श्रद्धा से कोई भी पढ़ सकता है।

4. क्या हनुमान कवच रोज पढ़ सकते हैं?

हाँ, रोज पढ़ना अत्यंत शुभ है।

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