श्री दुर्गा चालीसा | माँ दुर्गा की सबसे चमत्कारी चालीसा
नवरात्रि स्पेशल 2025 – रोज़ पढ़ने से सभी संकट, रोग और दरिद्रता दूर होती है

माँ दुर्गा की यह चालीसा साक्षात् चमत्कार है – लाखों भक्तों ने अनुभव किया है
नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी।।
माँ दुर्गा की यह पावन चालीसा सैकड़ों सालों से भक्तों के कष्ट हर रही है। नवरात्रि में 9 दिन लगातार जो भी भक्त इस चालीसा का पाठ करता है, उसके घर में कभी दुःख-दारिद्रता नहीं आता।
श्री दुर्गा चालीसा – मूल पाठ हिंदी में (PDF + ऑडियो लिंक नीचे)
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल विशाल लोचन विशाला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु अन्न धन दीना॥ अन्नपूर्णा हुई जग पाला। तुम ही आदि सुंदरी बाला॥ प्रलयकाल सब नाशन हारी। तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥ शिव योगी तुमरे गुण गावें। ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥ रूप सरस्वती को तुम धारा। दे सुबुद्धि ऋद्धि सिद्धि दातार॥ धरयो रूप नरसिंह को अम्बा। परगट भई फाड़कर खम्बा॥ रक्षा करि प्रह्लाद बचायो। हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥ लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं। श्री नारायण अंग समाहीं॥ क्षीरसिंधु में करत विलासा। दयासिन्धु दीजै मन आसा॥ हिंगलाज में तुम्हीं भवानी। महिमा अमित न जात बखानी॥ मातंगी धूमावति माता। भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥ श्री भैरव तारा जग तारिणी। छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥ केहरि वाहन सोह भवानी। लांगुर वीर चलत अगवानी॥ कर में खप्पर खड्ग विराजै। जाको देख काल डर भाजै॥ सोहै अस्त्र और त्रिशूला। जाते उठत शत्रु हिय शूला॥ नगरकोट में तुम्हीं विराजत। तिहुँलोक में डंका बाजत॥ शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे। रक्तबीज शंखन संहारे॥ महिषासुर नृप अति अभिमानी। जेहि अग जगत में महिमा ठानी॥ तुम ही राजा योगेश्वरी हो। तुम्हीं महालक्ष्मी रूप धरो हो॥ दुर्गा रूप निरंजन धारा। सब सृष्टि की आदि विधाता॥ जब लगि जिअउँ दया फल पाऊँ। तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊँ॥ दुर्गा चालीसा जो नर गावै। सब सुख भोग परमपद पावै॥ देवीदास शरण निज जानी। करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥
दुर्गा चालीसा के फायदे – लाखों भक्तों ने खुद अनुभव किया
- रोज़ सुबह-शाम पढ़ने से घर में सुख-शांति बनी रहती है
- नौकरी-व्यापार में आ रही रुकावटें दूर होती हैं
- शत्रुओं का नाश होता है
- बीमारी और मानसिक तनाव दूर होता है
- नवरात्रि में 9 दिन लगातार पाठ करने से मनोकामना पूरी होती है
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लोगों के असली अनुभव (Real Comments)
राधा शर्मा, दिल्ली: “मेरा बेटा 2 साल से नौकरी नहीं पा रहा था। नवरात्रि में 9 दिन माँ की चालीसा पढ़ी, 11वें दिन जॉब लेटर आ गया।”
कमलेश पटेल, गुजरात: “व्यापार में घाटा हो रहा था। रोज़ चालीसा पढ़ना शुरू किया, 40 दिन में सब संकट दूर हो गए।”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?
उत्तर: रोज़ सुबह-शाम 1-1 बार। नवरात्रि में 9 या 40 दिन लगातार पढ़ने से चमत्कार होता है।प्रश्न 2: क्या दुर्गा चालीसा महिलाएँ पीरियड्स में पढ़ सकती हैं?
उत्तर: हाँ बिल्कुल। मन से श्रद्धा हो तो कोई बंधन नहीं।प्रश्न 3: दुर्गा चालीसा का सबसे शक्तिशाली दिन कौन सा है?
उत्तर: मंगलवार और शुक्रवार + नवरात्रि की अष्टमी सबसे उत्तम।
जय माता दी 🙏
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